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#IndusThinkKavyanjali | Jalagri ka Sparsh | Poem by Abhivardhan

This poem in Hindi features the beauty and sophistication of how water and fire, two kind of different elements in sattva, interact with each other, mythically.


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Haasya-Sparsh

हास्य-स्पर्श किसी भूत-क्षणों, के स्मृति-समावेश, में इस स्वत्वचा पर, स्पर्शावली का, विचक्षण प्रभाव पड़ा, कि वह चिराश्रु-स्त्रोत्र, ने उन स्वस्निग्ध-पीड़ित, अंगों की थकावट, का विस्मरण किया, क्योंकि निहित

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